उत्तरप्रदेश: मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 26 लोगों की मौत

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक हिंसा की आग में सुलग रहे मुजफ्फरनगर जिले में रविवार को अलग-अलग वारदात में 15  और लोगों की मौत हो गयी। इसके साथ कल से अबतक इन वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26  हो गयी है। पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ, आशीष गुप्ता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि मुजफ्फरनगर के कुछ इलाकों में आज भी दो समुदायों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इन वारदातों में जख्मी हुए तथा अस्पताल में भर्ती घायलों में से आज 15 और लोग मारे गये। अभी तक कुल 26 लोग मारे गये हैं, जबकि 40 अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कल से अब तक कुल 26  लोगों के मरने की पुष्टि की है। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि हालात को काबू में करने के लिये कई जगह उपद्रवियों पर गोलियां भी चलायी गयीं। हालांकि इस कार्रवाई में किसी की मौत नहीं हुई है।

हिंसक झड़पों के मामले में अभी तक 52 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। दिन में दो बजे के बाद से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जानमाल की क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का भी इस्तेमाल होगा। गुप्ता ने कहा कि इलाके में सोशल साइट फेसबुक और टिवटर, एसएमएस तथा मोबाइल एप्लीकेशन वाटसऐप के जरिये अफवाहें फैलायी जा रही हैं, ताकि समुदायों में मनमुटाव और नफरत भड़काई जा सके। साथ ही एक वीडियो भी साझा किया जा रहा है, जिसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसी घटना के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है, जबकि सचाई यह है कि वह विदेश में किसी जगह फिल्माया गया दो-तीन साल पुराना वीडियो लगता है।

गुप्ता ने अपील की कि उस वीडियो को किसी भी दशा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसी भी घटना से जोड़कर ना देखा जाए। इसका मकसद उत्तेजना पैदा करना है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर के पांच थाना क्षेत्रों सिसौली, शाहपुर, फुगाना, कलापार और धराकलां में आज कुछ घटनाओं की सूचना मिली। सिविल लाइंस, कोतवाली और नयी मंडी में कर्फ्यू अब भी लगा है। गुप्ता ने बताया कि जिले में सुरक्षा के व्यापक प्रबन्ध किये गये हैं। प्रभावित हर थाना क्षेत्रों में दो-दो कम्पनी केन्द्रीय बल लगाये गये है। ऐसे सभी गांव चिह्नित करके पर्याप्त बल लगाया गया है जहां कोई एक समुदाय अल्पसंख्यक है। सभी जगहों पर बल को बता दिया गया है कि अगर उपद्रवी जानमाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं तो वे नियमानुसार बल प्रयोग करें। सेना की तैनाती भी इसी मकसद से की गयी है।

उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर तथा प्रभावित अन्य इलाकों में चार पुलिस महानिरीक्षक, 18 अपर पुलिस अधीक्षक, 23 उपाधीक्षक, 119 निरीक्षक तथा उपनिरीक्षक, 300 आरक्षी, अतिरिक्त अर्धसैनिक बल, 19 कम्पनी पीएसी, आठ कम्पनी आरएएफ, 19 कम्पनी सीआरपीएफ, चार कम्पनी आईटीबीपी तथा छह कम्पनी एसएसबी तैनात की गयी है। गृह विभाग के सचिव कमल सक्सेना ने बताया कि हिंसा की चिंगारी भड़काने वाली महापंचायत के आयोजन के लिये प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि देहात के इलाकों में हिंसा होने से स्थितियां थोड़ी मुश्किल हुईं, लेकिन अब उन पर काबू पा लिया गया है। गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में कल दो पक्षों के बीच हुई हिंसा में एक टीवी पत्रकार समेत 11 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि आज कुल 15 लोग मारे गये।


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मुजफ्फरनगर दंगों के बाद देहरादून में हाई अलर्ट किया गया

देहरादून : बीते शनिवार मुजफ्फरनगर में दो समुदायों के बीच भड़के दंगे का असर दून में भी पड़ा है। हरिद्वार और देहरादून की सीमाएं सील कर दी गईं।वहीं देहरादून के अति संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है। जानकारी के अनुसार पटेलनगर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रियता बढ़ाई गई है। मेहूंवाला, बड़ोवाला, तेलपुर, बुढ्ढी, तुनवाला, टर्नर रोड, सुभाषनगर, नई बस्ती, गांधी रोड आदि क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।

वहीं शहर से लगे डोईवाला, जोगीवाला, मोथरोवाला सहित अन्य इलाकों में पुलिस गश्त कर रही है। साथ ही स्थानीय खूफिया एजेंसी को भी सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में लगाया गया है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों, क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं हरिद्वार पुलिस के साथ भी लगातार वार्ता की जा रही है।पुलिस की पूरी कोशिश अफवाहों को रोकने की  है। साथ ही किसी स्थान पर अधिक लोगों के एक साथ इक्ट्ठा होने पर नजर रखी जा रही है। अगर कोई व्यक्ति अफवाह उड़ाता पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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चीन के 100 सैनिकों ने की भारतीय सीमा में घुसपैठ


नई दिल्ली : चीनी सेना अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है और उसने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की। चीनी सेना के करीब 100 जवानों 16 और 17 जुलाई को पूर्वी लद्दाख में घुसे थे। उन जवानों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर भारतीय सेना से कब्जे वाली जमीन खाली करने की बात लिखी थी। वहीं, भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत हर प्रकार के घुसपैठ से निपटने के लिए तैयार है। भारतीय सेना से आमने−सामने के बाद चीनी सेना के ये जवान वापस अपने क्षेत्र में लौट गए। प्रधानमंत्री कार्यालय को चीन की इस घुसपैठ के बारे में जानकारी दे दी गई है। भारतीय सेना ने इस मसले को लेकर एरिया कमांडरों की एक बैठक बुलाई है। इस घटना से एशिया के इन दो शक्तियों में टकराव उत्पन्न हो सकने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि चीनी सैनिकों ने 16 जुलाई की शाम को चुमार इलाके में घुसपैठ शुरू की और वे 17 जुलाई की सुबह तक भारतीय क्षेत्र में रहे। 

सैन्य सूत्रों ने घुसपैठ की पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने चुमार क्षेत्र में पीएलए के गश्ती दल को रोका था और दोनों पक्षों के बीच सामान्य बैनर अभ्यास के बाद पीएलए का गश्ती दल अपने क्षेत्र में वापस चला गया। सूत्रों ने कहा कि घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों से इलाके को खाली करने के लिए कहा और दावा किया कि वे चीनी सरजमीं पर खड़े हैं। चीन की थल सेना की घुसपैठ से कुछ समय पहले ही उसके दो हेलीकॉप्टरों ने चुमार क्षेत्र में 11 जुलाई को भारतीय हवाई क्षेत्र में सेंध लगाई थी। इसी क्षेत्र में पीएलए के जवानों ने 17 जून को घुसपैठ की थी और भारत का एक निगरानी कैमरा अपने साथ ले गए थे। घुसपैठ का ताजा मामला उस दिन का है जब भारत ने चीन की सीमा पर 50,000 जवानों वाले माउंटेन स्ट्राइक कोर की स्थापना को मंजूरी दी है। 

 इस तरह की घटनाओं की संख्या ऐसे में बढ़ गई है जब रक्षा मंत्री ए के एंटनी इस महीने की शुरुआत में चीन गए थे और दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और अमन बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की। लेह से 300 किलोमीटर दूर स्थित चुमार क्षेत्र हमेशा से चीनी जवानों के लिए असहज स्थिति वाला क्षेत्र रहा है क्योंकि चीन-भारत सीमा पर यही एकमात्र क्षेत्र है जहां से एलएसी तक उनके लिए पहुंच सुगम नहीं है। भारत और चीन एलएसी पर शांति और अमन कायम रखने के लिए एक सीमा करार करने की दिशा में काम कर रहे हैं जहां पिछले कुछ महीनों में घुसपैठ की अनेक घटनाएं देखी गई हैं।

(हिन्दुस्तान) 

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केदारनाथ को भारी नुकसान, सैकड़ों के मरने की आशंका

देहरादून। कुदरत की क्रूरता से तबाह उत्तराखंड में भयावह दृश्य अब धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। आपदा से केदारनाथ मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। त्रासदी के प्रत्यक्षदर्शी बीते एक सप्ताह से केदारनाथ में तैनात रुद्रप्रयाग के पुलिस उपाधीक्षक आर. डिमरी ने बताया कि मंदिर परिसर मलबे और बोल्डर से पटा हुआ है। उन्होंने बताया कि परिसर में कई शव भी हैं। हालांकि वह इनकी संख्या नहीं बता पाए। उच्च स्तर पर आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में मलबा घुस चुका है। उन्होंने भी माना कि परिसर में शव बिखरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि वहां दो तिहाई भवन ध्वस्त हो चुके हैं। इसके अलावा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से सात किलोमीटर दूर रामबाड़ा का वजूद समाप्त हो गया है। शासन ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। 100-150 दुकानों वाले रामबाड़ा बाजार में आमतौर पर यात्रा काल में पांच सौ या छह सौ लोग हमेशा मौजूद रहते थे। यहां कितने लोग हताहत हुए हैं, इसका पता नहीं चल पाया।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी वीके ढौंडियाल ने बताया कि केदारनाथ में मरने वालों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है। शासन के अनुसार पूरे प्रदेश में अब तक आपदा से मरने वालों का आंकड़ा 54 पहुंचा है। तीन दिन बाद मंगलवार को बारिश थमते ही सरकारी मशीनरी सक्रिय हुई और राहत एवं बचाव कार्य आरंभ हो पाए। हालांकि सड़कें व संपर्क मार्ग ध्वस्त होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक मदद पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। मौसम में आ रही खराबी के कारण हेलीकॉप्टर से राहत कार्य चलाने में बाधा आती रही। सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम राहत कार्यो में जुट गई हैं। इस बीच केदारनाथ में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सुबह छह बजे शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी था। 

पहले दिन 800 श्रद्धालुओं को सकुशल निकालकर गुप्तकाशी और फाटा पहुंचाया गया। प्रशासन के अनुसार केदारनाथ में पांच सौ और आसपास के इलाकों में अभी भी साढ़े तीन हजार लोग फंसे हैं। चार धाम के विभिन्न पड़ावों पर फंसे चालीस हजार से ज्यादा तीर्थ यात्रियों को अभी भी नहीं निकाला जा सका। इन यात्रियों के लिए खाने के पैकेट गिराए गए हैं। दूसरी ओर उत्तरकाशी पहुंचे आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य को प्रभावितों के गुस्से का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख श्री आर्य उत्तरकाशी में बामुश्किल 15 मिनट रहकर लौट आए। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा समेत पहाड़ की ज्यादातर नदियों के जलस्तर में अपेक्षाकृत कमी दर्ज की गई है, लेकिन ये खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रुद्रप्रयाग जिले में हालात बेहद गंभीर हैं। सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बीस हजार से ज्यादा प्रभावितों को विभिन्न स्कूलों में ठहराया गया है। मंगलवार को अलग-थलग पड़े झींगुरपानी, मुनकटिया और गौरी गांव में हेलीकाप्टर से खाने के पैकेट गिराए गए। चमोली में जिले में मदद का कार्य दोपहर बाद शुरू हो सका।

हेमकुंड साहिब के विभिन्न पड़ावों पर हेलीकाप्टर से खाने के पैकेट गिराए गए। उल्लेखनीय है कि हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ के विभिन्न पड़ावों पर बीस हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री भी फंसे हुए हैं। हेमकुंड साहिब के पास पुलना, गोविंदघाट और बदरीनाथ के पास पांडुकेश्वर के प्रभावितों के लिए प्रशासन टैंट भिजवाए हैं। हेमकुंड के आसपास के इलाकों से 12 लोगों के लापता होने की सूचना है। इसके अलावा जोशीमठ के पास जंगल में सात शव मिलने की भी सूचना है। उत्तरकाशी की स्थिति भी चमोली जैसी बनी हुई है। यहां भी प्रशासन हेलीकाप्टरों का इंतजार करता रहा। जिले में 12 राहत शिविरों में करीब दो हजार लोगों को शरण दी गई है, जबकि सैकड़ों लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां पनाह ली। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह से चरमराई हुई है। उत्तरकाशी के गोमुख ट्रैक पर भोजवासा के पास 56 सैलानी फंसे होने के समाचार हैं।

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राजस्थान में 5 गोरखा जवानों की सडक दुर्घटना में मौत

जोधपुर : राजस्थान के जैसलमेर में गोरखा रेजिमेंट के पांच जवानों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामगढ थाना इलाके के सानू गांव के निकट गुरुवार को सेना का एक ट्रक पलटने से गोरखा रेजिमेंट के पांच जवानों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गये. पुलिस सूत्रों के अनुसार रामगढ की ओर आ रहा सेना का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पांच जवानों की मौत हो गई. घायलों को सेना के हेलीकाप्टर से जोधपुर के सेना के अस्पताल लाया गया है. मारे गये पाचों जवान नेपाल के रहने वाले थे.  उन्होंने बताया कि मृतकों के नाम का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है. मृतक जवानों के शव सेना के अधिकारी मौके से लेकर रवाना हो गये. जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गये है. इधर, सेना प्रवक्ता के अनुसार हादसे के कारणों की जांच के लिए ‘कोर्ट आफ इन्कवारी’ के आदेश दे दिये गये है.

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देहरादून: युवती से गैंगरेप, तीन गिरफ्तार

देहरादून : उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में एक युवती को धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर तीन युवकों द्वारा कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किये जाने का मामला सामने आया है। प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद तीनों अभियुक्तों को कल पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित युवती की मेडिकल जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीया पीड़ित युवती को गत रविवार शाम उसके मकान मालिक डोरीलाल के पुत्र प्रेम प्रताप (23) ने अपनी जन्मदिन की पार्टी में शरीक होने का न्यौता दिया।

जन्मदिन की पार्टी में अन्य लोगों के अलावा प्रेम प्रताप के दो अन्य रिश्तेदार राजेंद्र सैनी और हरीश भी थे, जिन्होंने धोखे से पीड़िता के कोल्ड ड्रिंक्स में कोई नशीला पदार्थ मिला दिया। पुलिस ने बताया कि जब पीड़िता पर नशे का असर होने लगा तो वह अपने कमरे की तरफ भागी। तीनों अभियुक्त भी उसके पीछे-पीछे उसके कमरे में आ गये और उससे कथित रूप से दुष्कर्म किया। कल होश में आने पर पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और मामला दर्ज कराया। पीड़िता काशीपुर में किसी फैक्ट्री में काम करती है और अभियुक्तों में से एक के घर किराये पर अकेले रहती है।

22:33 | Posted in , , , , | Read More »

मेघालय में 15 खदान कर्मचारियों की मौत

शिलांग| मेघालय के दक्षिणी गारो हिल्स स्थित एक कोयला खदान की दीवार ढह जाने से उसमें पानी भर गया। खदान में खनन कर रहे 15 खनिक पानी में डूब गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी मंगलवार को दी। जिलाधिकारी आर.पी. मारक ने बताया, "नेंगकोल इलाके की एक खदान की दीवार ढह जाने से बगल के पानी भरे दूसरे खदान का पानी उस खदान में भर गया जिसमें 15 खनिक काम कर रहे थे।"उन्होंने बताया कि अन्य 15 खनिक हालांकि खदान से निकलने में कामयाब रहे। मारक ने बताया कि यह हादसा हालांकि 10 जून को हुआ था लेकिन इसके बारे में मंगलवार को तब पता चला जब देर से जानकारी मिलने पर जिले के अधिकारियों ने इलाके का दौरा कर हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 15 खनिकों के शव अभी भी खदान के भीतर पड़े हैं। शवों को निकालने का कार्य चल रहा है।

21:06 | Posted in , , | Read More »

उत्तराखण्ड : कांग्रेस विधायक भाजपा में हो सकते है शामिल

चंद्र शेखर जोशी
देहरादून। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भले ही सितारगंज से विधानसभा उपचुनाव लड़ने के संकेत देते हुए 3 जून को सितारगंज में कहा कि एक गीत है ‘समझने वाले समझ गए जो ना समझे वो अनाड़ी हैं।’ इसके अलावा काबीना मंत्री इंदिरा हृदयेश, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य, मंत्रीप्रसाद नैथानी, हरीश दुर्गापाल, पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री बहुगुणा के इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने की बात कहीं। उत्तराखण्ड कांग्रेस सितारगंज विधानसभा सीट को मुख्यमंत्री के लिए बेहद सुरक्षित मान कर चल रही है। इस क्षेत्र में भितरघात की आशंका न के बराबर है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य जो मुख्यमंत्री के करीबी हैं, इस क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। इस क्षेत्र में यशपाल आर्य अधिक प्रभावी नेता हैं, जिनके समर्थन से लोग मुख्यमंत्री को पसंद कर रहे हैं। वहीं सितारगंज सीट कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य की सीट का हिस्सा रही है, तथा इस सीट पर हरीश रावत गुट का इस सीट पर प्रभाव नगण्य है। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य रविवार को दिल्ली रवाना हो गए जहां कांग्रेस हाईकमान से कई मामलों पर सहमति ली जा सकती है, वहीं विजय बहुगुणा उत्तहराखण्डं कांग्रेस अध्यलक्ष पद पर यशपाल आर्य को बनाये रखने के लिए प्रबल संतुष्टि करेगें।

इसके अलावा प्रचारित किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा मूलतरू बंगाली हैं। उनके पूर्वज बंगाल से आकर टिहरी में बसे थे। यह बात बंगाली समुदाय की ओर से वितरित पर्चे में कही जा रही है। परन्तु राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में दलित, मुस्लिम, बंगाली और थारू आबादी ज्यादा है, यहां से कांग्रेस की जीत आसान नहीं होगी। अपने विधायक को गंवा कर चोट खाई भाजपा सितारगंज विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से बदला लेने के लिए हर संभव दाव चलने के मूड में है।

भाजपा एक ऐसा ब्रहमास्त्र चलाने जा रही है जिससे कांग्रेस निरीह व सकते में पड सकती है। भाजपा भी कांग्रेस को तू डाल डाल, मैं पात पात का सबक सिखाने की तैयारी कर रही है, कांग्रेस के वरिष्ठभ विधायक को भाजपा में शामिल कराकर कांग्रेस में हडकम्घ्प मचा सकती है। इसके अलावा पिछले विस चुनाव के परिणामों पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस तीसरे स्थान पर यानी बसपा से भी पीछे रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बंगाली विस्थापितों को भूमिधरी का अधिकार देने संबंधी हालिया फैसलों के बल पर मुख्य मंत्री को यहां से लडाने का फैसला लिया गया है, इस निर्णय से भले ही बंगाली विस्थापित कांग्रेस के पक्ष में आए हों लेकिन इस इलाके में बसा पहाड़ी व पंजाबी समुदाय इस वजह से शायद ही कांग्रेस के पक्ष में आए।

वहीं रुद्रपुर दंगों ने तराई में जो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया उसका फायदा भाजपा को मिला। ध्रुवीकरण की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय भी बसपा का साथ छोड़कर कांग्रेस के पक्ष में खड़ा हुआ मगर दलित वोट बंट गया और उसका एक हिस्सा जहां बसपा के साथ डटा रहा, वहीं बड़ा हिस्सा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के कारण भाजपा के साथ चला गया। उनका मानना है कि इस सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का असर अभी शेष है और विस उपचुनाव होने पर सियासी दल इसे फिर हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष मशकूर अहमद कुरैशी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार तीन माह से आईसीयू से बाहर नहीं निकल पा रही है। मंत्री व विधायकों के झगड़ों के बीच आम जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीएम झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। रुड़की में कुरैशी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार इस बात की घोषणा कर रहे है कि देहरादून व हरिद्वार में बिजली कटौती नहीं होगी, लेकिन जिले में लगातार बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदत्तर होती जा रही है। संसदीय सचिव के घर में दिन दहाडे़ हुई डकैती ने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

वहीं भाजपा ने विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, रूद्रपुर शहर के तमाम कांग्रेसी व बसपा कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए। कुछ लोगों ने तो भाजपा में वापसी की। एक कार्यक्रम में विधायक राजकुमार ठुकराल व राजेश शुक्ला, पूर्व सांसद बलराज पासी तथा पार्टी जिलाध्यक्ष सुरेश परिहार के समक्ष कांग्रेस व बसपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा। इनमें पूर्व पालिका उपाध्यक्ष हरीश जल्होत्रा, सभासद गुरदीप गावा, व्यापार मंडल के बलराम अग्रवाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अभिनव छाबड़ा, राजीव गंगवार, सोनू खुराना, सन्नी खुराना, गगन अरोरा, बसपा के हरविंदर सिंह हारजी, राजीव जौहरी आदि शामिल हैं।

वहीं बसपा के पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन के भी शीघ्र भाजपा में शामिल होने की चर्चा हैं। भाजपा के कई नेता उनके संपर्क में हैं। पूर्व विधायक महाजन गदरपुर-पंतनगर सीट से लगातार दो बार चुने गए थे। विधानसभा सीटों के परिसीमन के बाद उन्होंने रुद्रपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजय का सामना करना पड़ा। महाजन भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा में आने के बाद उन्हें सितारगंज सीट से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के खिलाफ उतारा जा सकता है।

चूंकि सितारगंज बंगाली बहुल क्षेत्र है, लिहाजा पार्टी उन्हें फिलहाल एक मुफीद उम्मीदवार के तौर पर देख रही है परन्तु ज्यालदा संभावना बसपा के पूर्व विधायक नारायण पाल की ज्याददा है, वहीं बसपा ने नारायण पाल व उनके भाई मोहन पाल को पार्टी से निष्कासित किये जाने की घटना को उनके भाजपा में जाने की घटना से जोड कर देखा जा रहा है। पार्टी विधायक किरण मंडल के इस्तीफे के झटके से उबरने की कोशिश में जुटी भाजपा अब कांग्रेस पर उसी की तर्ज पर पलटवार की भी तैयारी में है। भाजपा अपने गोपनीय मिशन के तहत कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक को भाजपा में लाने के लिए तौलमोल कर रही है और इनकी भाजपा के कई केंद्रीय नेताओं से इस संबंध में चर्चा भी हुई है।

वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के लिए सीट खाली कराने को भाजपा ने कांग्रेस विधायक टीपीएस रावत का इस्तीफा कराया था तो अब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के लिए सीट खाली कराने को भाजपा विधायक किरण मंडल से इस्तीफा दिला सीट खाली कराने में कामयाबी पाई। भाजपा के लिए यह किसी झटके से कम नहीं रहा क्योंकि विधानसभा चुनाव में पार्टी कांग्रेस से केवल एक सीट पीछे रही। अब भाजपा फिर इसी तर्ज पर कांग्रेस को एक झटका देने की कोशिश कर रही है।

चर्चा है कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक पिछले कुछ दिनों से भाजपा के राज्य और केंद्रीय स्तर के कुछ बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। इनकी दिल्ली में भाजपा के कुछ वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं से कई दौर की वार्ताएं भी हो चुकी हैं। यह भी चर्चा है कि कांग्रेस से असंतुष्ट चल रहे इन विधायक की भाजपा नेताओं से नजदीकी की खबर पार्टी नेताओं को लगने से वह डैमेज कन्टोरल की तैयारी में जुट गये हैं।

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महज़ 2 रन पर हुई पूरी टीम आल आउट

चंडीगढ़ : क्रिकेट के मैदान में कब क्या हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन, कोई टीम महज 2 रन पर ही पवेलियन लौट जाए, यह सुनने में अजीब जरूर लगेगा। यह हुआ मानसा में आयोजित पंजाब इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-19 टूर्नामेंट में। बेशक यह प्रथम श्रेणी का मैच नहीं था, लेकिन, इसका स्तर इसलिए कम नहीं आंका जा सकता, क्योंकि यह बीसीसीआई की यूनिट पीसीए द्वारा आयोजित टूर्नामेंट का हिस्सा था।

मानसा के लेफ्ट ऑर्म स्पिनर मनदीप सिंह की फिरकी में फिरोजपुर की टीम ऐसी उलझी कि 2 रन पर ही ढेर हो गई। यही नहीं, मनदीप ने इस पारी में 2 हैट्रिक लगाकर अपना नाम भी रिकॉर्डस की सूची में दर्ज करा लिया। मैच में मनदीप ने कुल 14 विकेट लिए। मानसा टीम 153 रन पर आउट हुई। फिरोजपुर की टीम पहली पारी में 8।1 ओवर में 2 रन पर सिमट गई।

इससे पहले 6 रन था रिकॉर्ड
किसी भी स्तर के मैचों में रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो 1810 में इंग्लैंड और बीएस के बीच मैच में बीएस की टीम दूसरी पारी में 6 रन पर सिमट गई थी। जबकि, एक ही मैच में डबल हैट्रिक लगाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर जोगिंदर सिंह राव थे। 1963- 64 में फस्र्ट क्लास मैच में राव ने एक ही पारी में लगातार 6 विकेट लिए थे।

4 मैचों में 57 विकेट
समाना के पास अतना कलां गांव के मनदीप सिंह 3 साल पहले मानसा डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन से जुड़े थे। मानसा एसोसिएसन के सचिव और कोच जगमोहन सिंह ने बताया कि 3 साल पहले मनदीप गांव की टीम से एक लोकल टूर्नामेंट में आए थे। यहां से उन्हें चुन लिया गया। पिछले साल मानसा की तरफ से खेलते हुए मनदीप ने 4 मैचों में 57 विकेट लिए थे ।

( भास्कर)

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दलाई लामा को मारने की साजिश रच रहे हैं चीनी एजेंट?

धर्मशाला/लंदन| तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा है कि चीनी एजेंट उन्हें मारने के लिए कुछ तिब्बती महिलाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। धर्मशाला स्थित दलाई लामा के दफ्तर ने रविवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि 'दलाई लामा के जीवन को खतरा है।' धर्मशाला में विस्थापित तिब्बत सरकार का मुख्यालय है। दलाई लामा के निजी सचिव चिम्मी चोएकाप्पा ने कहा, "दलाई लामा को इस सम्भावित खतरे के बारे में संदेश मिले हैं।"

ब्रिटेन के समाचार पत्र 'संडे टेलीग्राफ' को दिए गए खास इंटरव्यू में 76 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता दलाई लामा ने कहा कि उन्हें तिब्बत से ऐसे संदेश मिले हैं कि चीनी एजेंट उन्हें जहर देकर मारने के लिए तिब्बती महिलाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं।तिब्बती धर्मगुरु ने कहा कि वह भारत सरकार के सुरक्षा अधिकारियों की सलाह पर अति सुरक्षित मंदिर परिसर में रहते हैं। इस परिसर की सुरक्षा व्यवस्था समय-समय पर दुरुस्त की जाती है।

दलाई लामा ने कहा, "हमने तिब्बत से सूचना मिली है कि कुछ चीनी एजेंट स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जिससे कि वे मुझे जहर देकर मार सकें। ये महिलाएं बालों में और स्कार्फ में जहर लगाकर आना चाहेंगी और मुझसे आशिर्वाद लेते समय मुझे जहर देने का प्रयास करेंगी।"

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GJM to boycott Mamata meetings in Darjeeling

IANS
DARJEELING :The Gorkha Janmukti Morcha (GJM) on Sunday called for a boycott of all future meetings of chief minister Mamata Banerjee and North Bengal Development minister Goutam Deb in the Darjeeling hills. The call came after the government denied permission to the John Barla-led faction of the Akhil Bharatiya Adivasi Vikash Parishad (ABAVP), supported by the GJM, to hold a rally in the Nagrakata area of Jalpaiguri Sunday.

Both Barla and GJM chief Bimal Gurung were slated to address the rally. Barla has also called for an indefinite shut down in the Terai-Dooars area from April 23. The Barla-led faction of the ABAVP supports the GJM demand for the inclusion of 398 mouzas (area less than a sub-division) - 196 from Dooars, 199 in Terai and three in Rajganj - in the Gorkhaland Territorial Administration (GTA), an autonomous body to run the administration in Darjeeling.

The GJM had earlier threatened a widespread movement to press for their demand. However, after March 24 meeting with Banerjee, its leaders had expressed satisfaction over the declaration of election for the autonomous body in July this year. The GJM, spearheading the agitation for carving out a separate state of Gorkhaland from the Darjeeling hills in north Bengal, had signed a tripartite agreement with the state and central governments on July 18 last year for setting up the autonomous body with more powers than its predecessor Darjeeling Gorkha Hill Council formed in the 1980s.

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क्या- क्या हुआ महंगा और सस्ता

नई दिल्ली। महंगाई से त्रस्त जनता को जल्द निजात नहीं मिलती नजर आ रही है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सर्विस टैक्स की दर को 2 फीसदी बढ़ाकर 10 फीसदी से 12 फीसदी करने का ऐलान किया है। सरकार ने जहां व्यक्तिगत आयकर टैक्स में दो लाख की छूट दी, वहीं सरकार ने सर्विस टैक्स बढ़ाकर टैक्स छूट की भरपाई कर ली है।

क्या हुआ महँगा
इससे लक्जरी आईटम, खाने की चीजें, हवाई यात्रा और ऐशो आराम की चीजें महंगी हो गई। साथ ही बड़ी कारों पर लगने वाले 22 फीसदी कर को बढ़ाकर 24 फीसदी कर दिया गया है।
कपड़ा, खाना, फोन बिल, हवाई सफर, पार्लर, सोना, मोबाइल महंगा हो गया है। पाना मसाला, तम्बाकू महंगा। सोना, हीरा, विदेशों से आयातित साइकिल महंगी हो गई है। रिफाइंड गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी डबल कर दी गई है।

क्या हुआ सस्ता
आइयोडाइज्ड साल्ट, माचिस, सोया प्रोडक्ट्स सस्ते हो गए हैं। सोलर पॉवर लैंप, लेड बल्ब सस्ते हो गए हैं।
सिगरेट, बीड़ी पर छूट ।

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गोरखा नौकरानी संग दुर्व्यवहार, भारतीय राजनयिक दोषी

न्यूयार्क| न्यूयार्क की एक अदालत ने एक भारतीय राजनयिक व उनके पति को अपनी भारतीय घरेलू नौकरानी के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने के मामले में उसे 15 लाख डॉलर देने को कहा है। 'न्यूयार्क पोस्ट' के मुताबिक भारतीय वाणिज्य दूतावास की पूर्व प्रेस काउंसलर नीना मल्होत्रा व उनके पति जोगेश मल्होत्रा ने अपनी भारतीय नौकरानी शांति गुरुंग के साथ दुर्व्यवहार किया था। न्यायाधीश ने राजनयिक से जो राशि चुकाने के लिए कहा है उसमें से पांच लाख डॉलर की राशि शांति गुरुंग को पहुंचाए गए भावनात्मक कष्ट के लिए है। मेनहट्टन के फेडरल मजिस्ट्रेट जज फ्रेंक मास के मुताबिक मल्होत्रा दम्पत्ति ने अपनी पूर्व नौकरानी का पासपोर्ट व वीजा जब्त कर उसे बिना पैसे के काम करने के लिए मजबूर किया था और उसे अपने अपार्टमेंट से बाहर निकलने से रोका था। मल्होत्रा दम्पत्ति ने नौकरानी को धमकाया था कि यदि उसने उनकी इजाजत के बिना खुद यात्रा की तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसके साथ मारपीट होगी, उसका बलात्कार किया जाएगा और उसे किसी सामान की तरह वापस भारत भेज दिया जाएगा।

मामले की जांच कर रहे जज विक्टर मारीरो ने मास की इन अनुशंसाओं को ध्यान में रखा। दिसम्बर 2010 में मारीरो ने मल्होत्रा दम्पत्ति के खिलाफ गुरुं ग को फैसला सुनाया। मल्होत्रा दम्पत्ति मामले की सुनवाई से पहले ही भारत लौट गए थे। गुरुंग ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया था कि उसे 2006 में ए-3 वीजा पर अमेरिका लाया गया था और उससे दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में यह बताने के लिए कहा गया कि उसे काम के लिए प्रति घंटा सात डॉलर मिलते हैं। गुरुं ग से उसकी जन्मतिथि के बारे में भी झूठ बोलने के लिए कहा गया था। उसने अमेरिकी अधिकारियों के सामने खुद को 18 साल की बताया जबकि उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष थी। जून 2006 के बाद से गुरुंग बहुत बुरी परिस्थितियों में रह रही थी। उसकी नियुक्ति के समय उसे जो काम करने के लिए कहा गया था, अब उसे उससे कहीं ज्यादा काम करने पड़ रहे थे। गुरुंग के कामों में भोजन पकाना, साफ-सफाई करना, मल्होत्रा की हर रोज मसाज करना, खरीददारी करना, कपड़े धोना और मल्होत्रा दम्पत्ति द्वारा अक्सर रात के तीन बजे तक चलने वाली पार्टियों में कई इंतजाम करना शामिल था।

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पंजाब में 70% , उत्तराखण्ड में 65 % मतदान : आयोग

नई दिल्ली | चुनाव आयोग ने सोमवार शाम को कहा कि पंजाब और उत्तराखण्ड में क्रमश: 70 फीसदी और 65 फीसदी मतदान होने की सम्भावना है। आयोग ने हालांकि यह भी कहा कि मतदान केंद्रों पर अब भी मतदाताओं की भीड़ को देखते हुए मतदान का प्रतिशत और बढ़ सकता है। आयोग ने संकेत दिया कि वर्ष 2007 में हुए मतदान की तुलना में इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है। उप निर्वाचन आयुक्त आलोक शुक्ला ने कहा कि पंजाब में शाम पांच बजे तक 70 फीसदी मतदान हो चुका था। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदान का प्रतिशत 77 फीसदी तक पहुंच सकता है।

वर्ष 2007 में मतदान का प्रतिशत 75.3 था। एक अन्य उप निर्वाचन आयुक्त सुधीर त्रिपाठी, जो मुख्य रूप से उत्तराखण्ड की स्थिति के बारे में बता रहे थे, ने कहा कि शाम पांच बजे तक राज्य में 65 फीसदी मतदान हो चुका था। राज्य में 70 फीसदी मतदान की सम्भावना है। पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में 63.9 फीसदी मतदान हुआ था।

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